Author:Dr. Ambika bajpai
स्तूप बौद्ध धर्म से संबंधित वह पवित्र स्मारक हैं ,जो बुद्ध के प्रबुद्ध मन, संपूर्ण ब्रह्मांड व शांति के मार्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं । बौद्ध धर्म में सर्वाधिक महत्वपूर्ण और पूजनीय, बुद्ध तथा अन्य बौद्ध अर्हतों के शारीरिक अवशेष माने गए हैं , जिन पर बनाई गई समाधि जैसी संरचना या वास्तु को “स्तूप” कहा जाता है। संस्कृत का स्तूप शब्द पालि का ‘थूप’ व हिंदी का ‘थूहा’ है। श्रीलंका में इसे ‘दागोबा’ के रूप में जाना जाता है , जो स्तूप में संग्रहित शारीरिक अवशेष वाला भाग होता है। वैसे तो स्तूप एक बौद्ध संरचना मानी जाती है परंतु इसकी परंपरा बुद्ध तथा बौद्ध धर्म से भी पुरानी है । स्तूप एक अर्ध गोलाकार संरचना होती है जिसके अनेक अंग जैसे- हार्मिका ,वेदिका , तोरण आदि होते हैं । स्तूपों के अनेक प्रकार होते हैं ।भारत स्तूप निर्माण की जन्मस्थली है। भारत के अतिरिक्त अनेक एशियाई देशों जैसे नेपाल, थाईलैंड , तिब्बत, म्यांमार, इंडोनेशिया, श्रीलंका, जापान आदि में भी स्तूप वस्तु को देखा जा सकता है ।
बौद्ध स्तूपों का भारतीय दर्शन व पर्यटन के क्षेत्र में बहुत महत्व है ।यह बौद्ध आध्यात्मिकता का सर्वाधिक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु है । तीर्थ यात्रा व ध्यान के स्थान के रूप में इनका महत्व सर्वाधिक है। ये स्तूप धर्म के साथ-साथ कला का भी अद्भुत स्वरूप प्रस्तुत करते हैं। इनका वास्तु , भारतीय कला के अध्ययन का एक विलक्षण पक्ष है । इनकी अलंकृत वेदिकाएं व तोरण द्वार, जातक कथाओं व बुद्ध के जीवन के दृष्टांतों का दृश्यंiकन प्रस्तुत करते हैं । अतः इन स्तूपों का कला पक्ष भी बहुत महत्वपूर्ण है। ये पर्यटन के दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण हैं । इस शोध पत्र में इन बौद्ध स्तूपों के सांस्कृतिक स्थलों के महत्व व समकालीन पर्यटन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई है I पर्यटन के दृष्टिगत प्रतिवर्ष असंख्य भारतीय व विदेशी पर्यटक इन स्तूपों का भ्रमण करते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था काफी विकसित होती है ,जो आर्थिक विकास की गति को तीव्र करती है। इनके सांस्कृतिक व आर्थिक महत्व के कारण ही अनेक स्तूपों के संरक्षण के अथक प्रयास किया जा रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था यूनेस्को द्वारा अनेक स्तूपों को अपनी विश्व विरासत सूची में स्थान देते हुए अद्यतन वर्ष 2026 में सारनाथ के बौद्ध स्थलों को अपनी सूची में शामिल किया गया है जिसमें धमेख व चौखंडी स्तूप भी सम्मिलित हैं ।
Key words— हर्मिका, प्रदक्षिणा पथ, धमेख, दागोबा विरासत सूची ।।