Authors:1उमेश चन्द्र, 2पल्लवी शर्मा, 3रतनेश कुमार मिश्र
शोध सार
प्रस्तुत शोध “समाजवादी पार्टी की राजनीतिक भागीदारी का समग्र अध्ययन” भारतीय राजनीति में क्षेत्रीय दलों की भूमिका को समाजवादी दृष्टिकोण से विश्लेषित करता है। स्वतंत्रता के बाद भारतीय लोकतंत्र में सामाजिक विविधताओं, क्षेत्रीय असमानताओं और वंचित वर्गों की राजनीतिक आकांक्षाओं के उभार के साथ क्षेत्रीय दलों का महत्व बढ़ा। इसी पृष्ठभूमि में समाजवादी पार्टी ने समाजवादी विचारधारा, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक सहभागिता को अपने राजनीतिक एजेंडे का केंद्र बनाया। यह अध्ययन पार्टी के गठन, वैचारिक आधार, चुनावी भागीदारी, शासन में भूमिका तथा सामाजिक-राजनीतिक प्रभावों का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है। शोध में यह स्पष्ट किया गया है कि समाजवादी पार्टी ने विशेष रूप से पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और ग्रामीण समाज को राजनीतिक रूप से संगठित कर उत्तर प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दी। साथ ही, गठबंधन राजनीति, नीति-निर्माण और सत्ता संरचना में इसकी भूमिका का आलोचनात्मक मूल्यांकन भी किया गया है। अध्ययन यह निष्कर्ष निकालता है कि समाजवादी पार्टी की राजनीतिक भागीदारी ने भारतीय लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाने में योगदान दिया है, यद्यपि बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में इसे नई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है।
कुंजी शब्द राजनीति गठबंधन, सामाजिक समानता, समाजवादी विचारधारा, क्षेत्रीय दल, सामाजिक न्याय, भारतीय राजनीति।